RDG रोकना हिमाचल के साथ अन्याय, यह खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार था : विनय कुमार

Local News
09 Feb 2026
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RDG रोकना हिमाचल के साथ अन्याय, यह खैरात नहीं संवैधानिक अधिकार था : विनय कुमार

श्री रेणुका जी 9 फरवरी :  हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) न दिए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे केवल एक वित्तीय निर्णय नहीं, बल्कि एक पहाड़ी राज्य के साथ गंभीर अन्याय करार दिया है।

विनय कुमार ने सोशल मीडिया पर जारी अपने वक्तव्य में कहा कि RDG कोई खैरात नहीं थी, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत दिया जाने वाला वैधानिक समर्थन था। इसका उद्देश्य सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्यों को आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायता प्रदान करना था।

उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे राज्य के आय के स्रोत स्वाभाविक रूप से सीमित हैं। यहां न तो भारी उद्योग हैं और न ही बड़े महानगरों से मिलने वाली आय। दुर्गम पहाड़, बिखरी आबादी और सेवाओं की अधिक लागत के कारण राज्य पर वित्तीय दबाव अधिक रहता है। ऐसे में वेतन, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के लिए RDG एक मजबूत आधार रहा है। इसे अचानक समाप्त करना राज्य की आर्थिक रीढ़ पर सीधा प्रहार है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के इस तर्क को भी खारिज किया कि अन्य राज्यों को भी RDG नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को एक ही तराजू में तौलना संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है। समानता के नाम पर न्यायसंगत समर्थन से इनकार करना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश देश को पर्यावरणीय सुरक्षा, जल संसाधन और ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन बदले में उसके विशेष हालातों की अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप है कि यह निर्णय न केवल हिमाचल की जनता को प्रभावित करेगा, बल्कि सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की नींव को भी कमजोर करेगा।

विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि हिमाचल कोई विशेषाधिकार नहीं मांग रहा, बल्कि न्याय और संवैधानिक संतुलन की मांग कर रहा है।

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