16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली राशि जल शक्ति विभाग को देने का राज्य सरकार के फैसले का नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों ने किया विरोध
Speak Himachal/Nahan
नाहन : सिरमौर जिला में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रदेश सरकार के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें पंचायत को 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को पेयजल योजनाओं के लिए मिलने वाली धनराशि को सीधा जल शक्ति विभाग को ट्रांसफर करने के आदेश दिए गए है।
पांवटा साहिब विकासखंड की 22 पंचायतों के जनप्रतिनिधि आज प्रधान संघ के बैनर तले जिला मुख्यालय नाहन पहुँचे और उपायुक्त के साथ समस्या को लेकर बैठक कर चर्चा की। प्रधान संघ पाँवटा साहिब के अध्यक्ष रणवीर सिंह ने बताया कि पंचायतों में पेयजल योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि का पैसा विभाग को देना उचित नहीं है उन्होंने कहा कि पंचायतें अपने स्तर पर इस धनराशि का बेहतर तरीके से कम समय के भीतर इस्तेमाल कर सकती है जबकि जब शक्ति विभाग को यह पैसा देने से ही योजनाएं अधर में लटक जाती है । उन्होंने कहा कि कई पंचायत ऐसी है जहां पूर्व के समय में पैसा जल शक्ति विभाग को दिया गया था और विभाग द्वारा वह पैसा खर्च नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले का पंचायतों के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है।
प्रधान संघ की सचिव अलका रानी ने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो संघ पंचायती राज मंत्री और मुख्यमंत्री से इस मामले को लेकर मुलाकात करेंगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय का विकल्प भी चुना जा सकता है। प्रधान संघ ने मानसून की बारिश के दौरान पंचायतों में बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी जिला उपायुक्त से बजट उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है।