बुजुर्ग की जान बचाने वाले अंशुल को लोजपा प्रदेशाध्यक्ष नितिन चौहान ने किया सम्मानित
नाहन के बर्मा पापड़ी क्षेत्र में उफनती रून नदी के बीच 65 वर्षीय बुजुर्ग बनारसी दास की जान बचाने वाले जल शक्ति विभाग (IPH) के कर्मचारी अंशुल की हर तरफ सराहना हो रही है। बीते कल लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन चौहान ने अंशुल से उनके घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अंशुल को हिमाचली टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया और उनके साहस की प्रशंसा की।
नितिन चौहान ने कहा कि जब तेज बहाव के कारण कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर रहा था, तब अंशुल ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगाकर बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। उनका यह साहस इंसानियत और सेवा भावना की मिसाल है। इस दौरान नितिन चौहान ने गांव के लोगों से भी मुलाकात की और क्षेत्र की समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि अंशुल के साहस को देखते हुए उन्हें राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार या वीरता पदक से सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के दूसरे युवाओं को भी समाज और मानव सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी।
गौरतलब है कि रून नदी के तेज बहाव में बुजुर्ग बनारसी दास फंस गए थे। अंशुल ने नदी में उतरकर उन्हें सुरक्षित टापू तक पहुंचाया, लेकिन बाद में वह खुद भी बुजुर्ग के साथ वहां फंस गए। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सेना के हेलिकॉप्टर और NDRF की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अंशुल के इस साहस की पूरे सिरमौर जिले में सराहना हो रही है और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठन उनका सम्मान कर रहे हैं।