हाउसलेस को एक मुश्त मिले मुआवजा, रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने उठाई मांग
Speak Himachal/Nahan
नाहन 8 जुलाई, 2026 : रेणुका बांध परियोजना से प्रभावित हाउसलेस परिवारों के मुआवजे को लेकर एक बार फिर विस्थापितों ने अपनी आवाज बुलंद की है। रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने एचपीसीएल प्रबंधन से हाउसलेस परिवारों को मुआवजा किस्तों के बजाय एकमुश्त देने और पुनर्वास की शर्तों में बदलाव की मांग उठाई है। रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के पदाधिकारी नाहन में आज मीडिया से बात कर रहे थे।
मीडिया से बात करते हुए रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के प्रेस सचिव योगेश ठाकुर ने बताया कि बीते दिन एचपीसीएल के प्रबंध निदेशक से मुलाकात कर हाउसलेस परिवारों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। समिति का कहना है कि एचपीसीएल की मौजूदा नीति के अनुसार हाउसलेस परिवारों को मुआवजा किस्तों में दिया जाना प्रस्तावित है, जबकि विस्थापित परिवारों को घर बनाने और पुनर्वास के लिए एकमुश्त राशि की आवश्यकता है। समिति ने मांग की कि पूरा मुआवजा एक साथ जारी किया जाए ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि समिति ने प्रबंध निदेशक से पुनर्वास के लिए तीन बिस्वा भूमि की अनिवार्य शर्त को समाप्त करने की मांग भी रखी। समिति का कहना है कि यह शर्त कई प्रभावित परिवारों के लिए व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विस्थापित का मकान दो मंजिला है तो उसे तीन बिस्वा माना जाए जिस पर प्रबंध निदेशक ने सकारात्मक रुख अपनाया है। प्रबंध निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि हाउसलेस परिवारों को 75 प्रतिशत मुआवजा एकमुश्त देने का प्रयास किया जाएगा और अन्य मांगों पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा। समिति ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इन मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।