बाहरी राज्यों से सिरमौर आने वाले लोग कोविड संबंधी लक्षण नजर आने पर नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में करवाए कोरोना टैस्ट
नाहन – उपायुक्त सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी ने बाहरी राज्यों में बढ़ रहे कोविड-19 मामलों को देखते हुए जिला सिरमौर में कोविड-19 संक्रमण पर पूर्ण रूप से अकुंश लगाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए और सख्ताई बरती जाए और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वाले हर एक व्यक्ति का चालान किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 संक्रमण पुनः गति पकड़ रहा है जिसकी रोकथाम के लिए कोविड संबंधी जारी एसओपी का पालन किया जाना व लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्हांेने कहा कि सार्वजनिक स्थान, बाजार व भीड वाली जगह पर सामाजिक दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बीना मास्क पहने पाया गया तो उसका 1 हजार रूपये का चालान किया जाएगा। पुलिस विभाग ने अब तक 2526 लोगों को मास्क न पहनने पर 1657100 रूपये का जुर्माना लगाया है। उन्होंने बाहरी राज्यों से जिला सिरमौर में आने वाले लोगों से अपील की कि वह कोविड संबंधी लक्षण नजर आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में कोरोना टैस्ट अवश्य करवाएं।
उपायुक्त ने बताया कि सरकार के नये दिशा निर्देशों के अनुसार अब जिला में 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का कोविड़ टीकाकरण किया जा रहा है। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 स्थानों पर टीकाकरण आरंभ कर दिया गया है जिसमें ददाहु में स्थित सिविल अस्पताल, प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र (पीएचसी) बनेठी, पीएचसी शम्भूवाला, डॉ0वाई0एस0परमार मेडिकल कॉलेज नाहन, पीएचसी फागु व पीएचसी रामपुर-भारपुर शामिल है।
उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों के अतिरिक्त 45 से 59 आयु के केवल गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों का ही टीकाकरण किया जा रहा हैे। उन्होंने बताया कि गंभीर बिमारियों की सूची में दिल की बिमारी, किडनी, लीवर, रक्त संबंधित बीमारी, लगभग 10 वर्ष से मधुमेह से ग्रस्ति व्यक्ति, स्ट्रोक, मांसपेशियां, सांस की बीमारी, सैल की बीमारी जैसे 20 बिमारियों की सूची सरकार द्वारा जारी की गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वाले हर एक व्यक्ति का होगा चालान-डीसी
सिरमौर को राष्ट्रीय स्तर पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए मिला पु़रस्कार
नाहन – जिला सिरमौर को किसान सम्मान निधि योजना के शिकायत निवारण श्रेणी में सफल कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा पुरस्कार मिला है। यह पुरूस्कार आज भारत सरकार द्वारा दिल्ली स्थित पूसा कैम्पस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने दिया। यह पुरस्कार जल शक्ति मंत्री हिमाचल प्रदेश महेन्द्र सिंह ठाकुर व जिला प्रशासन सिरमौर की ओर से राजस्व अधिकारी नरायण चौहान व उप निदेशक कृषि विभाग पवन कुमार ने प्राप्त किया। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डा0 आर0के0 परुथी ने दी।
उन्होने बताया कि प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के अर्न्तगत दिए गए पुरस्कारों के लिए भारत सरकार द्वारा तीन मुख्य मापदण्ड बनाए गए थे, जिसमें अधिकांश आधार प्रमाणीकरण, शिकायत निवारण व भौतिक सत्यापन शामिल थे। उन्हांेने बताया कि पिछले वर्ष प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के पोर्टल पर किसान कॉर्नर में किसानों के लिए हेल्प डेस्क व शिकायत निवारण का मॉडयूल दिया गया जिसमें किसान सम्मान राशि से सम्बन्धित लगभग 100 शिकायतें जिला के किसानों द्वारा दर्ज की गई जिनका समाधान समयबद्ध किया गया।
उपायुक्त ने बताया कि जिला सिरमौर में किसी भी किसान कि कोई भी शिकायत इस पोर्टल पर समाधान हेतु लम्बित नहीं है। जिला कि शिकायत हेतु निवारण औसत समय 3 दिन है जबकि भारत सरकार द्वारा इसके लिए 7 दिन का अधिकतम समय निर्धारित किया गया है, जिसके लिए कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार सिरमौर को दिया गया। डा0 परुथी ने बताया कि जिला सिरमौर के लिए यह गर्व का विषय है कि पिछले तीन सालों में सिरमौर को यह पांचवा पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त हुआ है। इससे पहले बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने, पॉलीब्रिक्स के माध्यम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, मनरेगा के तहत जल संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य करने, प्रधानमंत्री कार्यालय में बन रही कॉफी टेबल बुक में पॉलीब्रिक्स को स्थान मिलने से सिरमौर को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिली है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार द्वारा चलाई गई एक महत्वकांक्षी योजना है जिसका उद्ददेशय देश में छोटे और सीमांत किसानों को कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण व कृषि सम्बन्धी तथा घरेलु जरूरतों को पूरा करने हेतु सहायता प्रदान करना है। इसमें किसानों को सालना 6,000 रुपये (2-2 हजार रुपये की तीन किश्तों में) सीधे तौर पर उनके बैंक खातों में डाले जाते हैं। सिरमौर में अभी तक कुल 59430 किसान इस योजना का लाभ उठा रहें हैं जिन्हें अब तक 35 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि आबंटित की जा चुकी है। किसानों को इसके तहत अभी तक सरकार की ओर से 7 किश्ते जारी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ 24 फरवरी, 2019 को किया गया था।
राठौर बोले कृषि कानून किसान विरोधी कांग्रेस करती रहेगी पुरजोर विरोध
शिमला : कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने धर्मशाला में आयोजित भाजपा कार्यसमिति की बैठक में पारित प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि नए कृषि कानून किसान विरोधी है और कांग्रेस इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कहना कि यह आंदोलन मुट्ठी भर किसानों का है यह पूरी तरह देश के किसानों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लाखो किसान इन कानूनों के विरोध में सड़कों पर बैठे है। जगह जगह इसके विरोध में महापंचायतें हो रही है जिसमें लाखो लोग शामिल हो रहें है। हिमाचल में भी चारो ससंदीय क्षेत्रों में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर रैलियों को निकाला। मंडी में राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि आज भी जिला स्तर पर कांग्रेस ने अपनी पदयात्रा निकाली है। शिमला जिला की पदयात्रा 23 फरबरी को गुम्मा से छैला तक आयोजित होगी जिसमें वह खुद और शिमला जिला के विधायक,पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी भाग लेंगे। राठौर ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश से जुड़े मसलों पर कोई सार्थक चर्चा होती। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्रदेश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था से उभरने के उपायों पर कोई चर्चा होती,जनहित के मुद्दों पर चर्चा होती पर ऐसा कुछ नही हुआ। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के मंथन शिविर में खर्च कहां से किया गया प्रदेश को इसकी जानकारी उन्हें देनी चाहिए। मुख्यमंत्री के उस बयान पर जिसमें उन्होंने प्रदेश में किसी भी भाजपा सरकार शांता कुमार व प्रेम कुमार धूमल सरकारों के दुबारा रिपीट न होने की टीस व्यक्त की है पर राठौर ने कहा कि जयराम ठाकुर भी भाजपा सरकार रिपीट होने के सपने छोड़ दे।

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव विकास पर नही संगठन पर जीते जाते है को राजनीति की नई फिलॉसपी बताते हुए कहा कि फिर तो किसी भी सरकार को विकास के कार्य छोड़ संगठन को ही मजबूत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अब तक जो भी चुनाव जीते है वह छदम राष्ट्रवाद क्षेत्रवाद, सम्प्रदाय के नाम पर एक दूसरे को लड़कर ही जीते है।
राठौर ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा पर तंज कसते हुए कहा कि क्या उन्होंने कोरोना के इस काल मे प्रदेश भाजपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार बारे कोई चर्चा की,जिसके चलते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को अपने पद से हाथ धोना पड़ा था,निदेशक स्वास्थ्य विभाग की गिरफ्तारी हुई,सचिवालय में सेनेटाइजर घोटाला, पीपीई घोटाला, निजी विश्वविद्यालय में फेंक डिग्री मामलों की कोई जानकारी हासिल की। राठौर ने कहा कोरोना काल मे प्रदेश में भाजपा ने लोगों की कोई भी सहायता नही की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिमला के आईजीएमसी, टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेजों में खुद जाकर स्वाथ्य उपकरण भेंट किये साथ मे लोगों की हरसंभव मदद भी की।
राठौर ने कहा कि भाजपा का बार बार यह कहना कि देश प्रदेश को कांग्रेस मुक्त करना है उनकी संकीर्ण मानसकिता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष महत्वपूर्ण होता है और कांग्रेस ने कभी भी भाजपा या विपक्ष मुक्त होने की बात नही की। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोगों ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा को बाहर कर दिया है और जल्द ही देश व प्रदेश में भी ऐसा ही होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाजपा ने धनबल पर जनमत को चुराया है।नगर निगम के चुनावों में उसे यह सब भुगतना पड़ेगा।
सिरमौर को PM किसान सम्मान निधि योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार करेगी पुरस्कृत
नाहन : भारत सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए जिला सिरमौर का चयन किया गया है। जिसके तहत 24 फरवरी 2021 को सिरमौर प्रशासन को दिल्ली स्थित पूसा कैम्पस में पुरस्कार के लिए निमंत्रण मिला है। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर डा0 आर0के0 परुथी ने दी। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर को शिकायत निवारण श्रेणी में बेहतर कार्यान्वयन के लिए चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के लिए भारत सरकार द्वारा तीन मुख्य मापदण्ड बनाए गए थे, जिसमें अधिकांश आधार प्रमाणीकरण, शिकायत निवारण व भौतिक सत्यापन शामिल है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पोर्टल पर farmer corner में किसानों के लिए Help desk/Grievance Redressal का Module दिया गया हैं जिसमें किसान, सम्मान राशि से सम्बन्धित अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

जिला सिरमौर में गत एक वर्ष में लगभग 97 शिकायतें किसानों द्वारा दर्ज की गई थी जिनका समाधान कर दिया गया है और वर्तमान में जिला सिरमौर में किसी भी किसान कि कोई भी शिकायत इस पोर्टल पर समाधान हेतु लम्बित नहीं है। जिला कि शिकायत हेतु निवारण औसत समय 3 दिन है जबकि भारत सरकार द्वारा इसके लिए 7 दिन का अधिकतम समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना से सम्बन्धित शिकायत निर्धारण मद में जिला सिरमौर को इस उपलब्धि हेतु पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार द्वारा चलाई गई एक महत्वकांक्षी योजना है जिसका उद्ददेशय देश में छोटे और सीमांत किसानों को कृषि पद्धतियाँ के आधुनिकीकरण व कृषि सम्बन्धी तथा घरेलु जरूरतों को पूरा करने हेतु सहायता प्रदान करना है इसमें किसानों को सालना 6,000 रुपये (2-2 हजार रुपये की तीन किश्तों में) सीधे तौर पर उनके बैंक खातों में डाले जाते हैं। सिरमौर में अभी तक कुल 59430 किसान इस योजना का लाभ उठा रहें हैं जिन्हें अब तक 35 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि आबंटित की जा चुकी है। किसानों को इस के तहत अभी तक सरकार की ओर से 7 किश्ते जारी हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ 24 फरवरी, 2019 को किया गया था।
उन्होंने बताया कि शिकायत निवारण श्रेणी में उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्य में जिला सिरमौर व उतराखण्ड के नैनीताल जिला को इस श्रेणी में बेहतर कार्य करने के लिए भारत सरकार पुरस्कृत करेगीे। उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के अतिरिक्त अधिकांश आधार प्रमाणीकरण के लिए रूप नगर पंजाब, कुरूक्षेत्र हरियाणा, बिलासपुर छतीसगढ़ उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्य में हिमाचल के लाहौल स्पीती व उतराखण्ड के उदमसिंह नगर जिलों का चयन किया गया है। शिकायत निवारण श्रेणी में महाराष्ट्र के पुणे गुजरात के दोहाद, आध्रा प्रदेश के नेलौर व भौतिक सत्यापन श्रेणी में महाराष्ट्र के अहमदनगर, आंध्रा प्रदेश व उत्तर पूर्वी पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश का कागड़ा व उतराखण्ड के देहरादून जिलों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधोसंरचना विकास के लिए केंद्र से उदार वित्तीय सहायता का किया आग्रह
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की छठी बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया जिसमें कृषि, अधोसंरचना, विनिर्माण और मानव संसाधन विकास के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
शिमला से इस बैठक में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश में अधोसंरचना सृजित करने के लिए अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक धनराशि और संसाधनों की आवश्यकता है। राज्य सरकार हिमाचल को देश का पर्यटन केन्द्र बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है लेकिन बेहतर हवाई और रेल सम्पर्क नहीं होने के कारण इसमें समस्याएं आ रही है । उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मण्डी में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाए। इससे जहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं यह सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना विकास को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान कर रही है। अटल टनल रोहतांग का निर्माण रिकाॅर्ड समय में पूरा करने और इस कार्य में व्यक्तिगत रूचि लेने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के बनने से लाहौल और पांगी घाटी में लोगों की आजीविका में काफी सुधार हुआ है, क्योंकि हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। रोहतांग टनल से प्रतिदिन लगभग पांच हजार वाहन गुजर रहे हैं। केलंग घाटी में पिछले महीने से स्नो फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है जिसे देखने के लिए हर क्षेत्र से लोग पहुंच रहे हैं, जो इस सुरंग के निर्माण के बिना संभव नहीं हो पाता।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश का बद्दी क्षेत्र एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब बनकर उभरा है। राज्य में बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए प्रभावी रूप से कार्य करना आरम्भ किया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में मेडिकल डिवाइसिज मैनुफेक्चरिंग पार्क और इलैक्ट्राॅनिक मैनुफेक्चरिंग हब के लिए भी प्रयास जारी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि प्रदेश के लिए इन सभी पार्क को स्वीकृत किया जाए ताकि यहां आर्थिक स्थिति में व्यापक परिवर्तन लाया जा सके।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने 25 जनवरी, 2021 को पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे कर लिए हैं और राज्य सरकार ने इस वर्ष को स्वर्ण जयन्ती के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में देश के कई बड़े राज्यों को राह दिखाई है। राज्य ने जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और यह देश का पहला राज्य बना है, जिसे मिशन के अन्तर्गत चार ट्रैंच प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के तीन जिलों में नल से जल उपलब्ध करवाने का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है, जबकि वर्ष 2021-22 में तीन और राज्यों के सभी घरों को जल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप प्रदेश में सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती योजना कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत एक लाख से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि में सहायता मिली है। इस प्रणाली के आधार पर प्रदेश के नौ हजार से अधिक सेब उत्पादकों ने 155 बीघा भूमि पर सेब उत्पादन आरम्भ किया है।
प्रदेश की विकासात्मक मांगों और आवश्यकताओं को हमेशा ध्यान में रखने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा प्रदान किया गया 450 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण प्रदेश के खर्चों को चलाने में बहुत मददगार साबित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने निवेश प्रोत्साहित करने के लिए व्यापार में सुगमता में बहुत सुधार किया है जिसके कारण हिमाचल प्रदेश अब 16वें स्थान से सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वर्ष 2019 में धर्मशाला में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टरर्ज मीट के उपरांत 13500 करोड़ रुपये के निवेश का ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह आयोजित किया गया है जबकि 10 हजार करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं ग्राउंड ब्रेकिंग के लिए तैयार हैं। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डाॅ. राजीव कुमार ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप राज्यपालों तथा केन्द्र शासित राज्यों के प्रशासकों का स्वागत किया।
केन्द्रीय मंत्रियों और अन्य अधिकारियों ने नई दिल्ली से बैठक में भाग लिया जबकि प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त प्रबोध सक्सेना और अतिरिक्त मुख्य सचिव आबकारी एवं कराधान जे.सी. शर्मा शिमला में उपस्थित रहे।
शीलघाट में एक ढाबे सहित चार दुकानों में लगी आग, शार्ट सर्किट बताई जा रही वजह
शिमला : जिला के रोहड़ू तहसील के अंतर्गत क्षेत्र शीलघाट में एक ढाबे सहित चार दुकानों में आग लग गई है। वहीं, फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर एक सिविल सप्लाई की दुकान सहित अन्य करीब 15 दुकानों को जलने से बचा लिया है। आग लगने का कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि शार्ट सर्किट आग लगने का कारण हो सकता है।

बता दें कि सर्दी की वजह से शीलघाट में दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं। उक्त ढाबे और दुकानों को भी दुकानदार बंद कर घर चले गए थे। करीब साढ़े सात बजे दुकानों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। एक सिविल सप्लाई की दुकान सहित करीब 15 दुकानों को जलने से बचाया। पुलिस को भी सूचना दे दी गई है।
JP NADDA ने किया ‘ग्राम सभा से विधान सभा’ के संकल्प को पूरा करने का आह्वान
धर्मशाला : वर्ष 2022 में होने वाले विधान सभा चुनावों में राज्य भाजपा के ‘ग्राम सभा से विधान सभा’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को प्रतिबद्धता और निष्ठा से कार्य करना चाहिए। राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कांगड़ा के धर्मशाला में प्रदेश भाजपा कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
नड्डा ने कहा कि भाजपा एक ऐसी राजनीतिक पार्टी है, जिसमें एक आम कार्यकर्ता भी शीर्ष औहदे पर पहुंच सकता है जबकि अन्य सभी राजनीतिक पार्टियां एक परिवार विशेष की पार्टियां हैं। भाजपा के पास आज 18 करोड़ से अधिक सदस्य हैं और पार्टी का उद्देश्य राष्ट्र और मानव के समग्र आर्थिक विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित भाजपा सरकार की अगुवाई में शुरू की गई योजनाओं का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग का उत्थान और कल्याण करना है। ‘सबका साथ और सबका विकास और सबका विश्वास’ भाजपा का मूल मंत्र है। राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को स्वयं आकलन और स्व-मूल्यांकन करने का आग्रह किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पार्टी को सुदृढ़ करने में कितनी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि पन्ना प्रमुख सम्मेलनों जैसी पहल कर हिमाचल प्रदेश आज अन्य राज्यों के लिए आदर्श बनकर उभरा है। अब पार्टी को बूथ स्तर पर सुदृढ़ बनाने के लिए पन्ना समिति गठित करने की आवश्यकता है। उन्होंने भाजपा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा कोविड महामारी के दौरान लोगों कोे राहत पहुंचाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 25 करोड़ मोदी फूड किट्स का वितरण किया गया।

नड्डा ने कहा कि जिला स्तर पर भाजपा के छह कार्यालयों का निर्माण कार्य आरम्भ कर दिया गया है। उन्होंने राज्य भाजपा अध्यक्ष से प्रदेश के अन्य जिलों में भी भाजपा कार्यालय के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय न केवल पार्टी को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य करने का उपयुक्त स्थान होता है बल्कि एक मजबूत काडर के निर्माण के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र और नर्सरी भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनौतियों में अवसर खोजने के मंत्र से आज भारत प्रति दिन लगभग पांच लाख पीपीई किट तैयार करने में सक्षम बन पाया है। इसके अलावा भारत आज विश्व के 16 देशों को कोविड वैक्सीन उपलब्ध करवा रहा है। यह केवल प्रधानमन्त्री के सक्षम नेतृत्व के कारण ही संभव हो पाया है।
राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी केंद्र में एनडीए की सरकार सत्ता में आई है, हिमाचल प्रदेश हमेशा विकास की दृष्टि से मुख्यधारा से जुड़ा है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रदेश के प्रति विशेष लगाव के कारण प्रदेश को औद्योगिक पैकेज मिला था और अब नरेन्द्र मोदी ने राज्य को एक बार पुनः विशेष दर्जा प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपये की लागत की अटल टनल रोहतांग प्रदेश को केंद्र सरकार का एक तोहफा है।
नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य और केन्द्र सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक ले जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, हिमकेयर, हिमाचल गृहिणी सुविधा आदि योजनाओं से लोगों के चेहरों पर मुस्कान आई है। जिला भाजपा अध्यक्ष चन्द्रभूषण नाग ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों का इस अवसर पर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह, राज्य भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन इस अवसर पर उपस्थित थे। इससे पूर्व, गग्गल हवाई अड्डे आगमन पर लोगों ने गर्मजोशी के साथ जगत प्रकाश नड्डा और अनुराग ठाकुर का स्वागत किया।
भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक के पहले दिन के प्रथम सत्र में भाजपा के इतिहास विकास विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व गुरू बनने की ओर अग्रसर है। उन्होनें जोर देते हुए कहा कि जो समाज, राष्ट्र और संगठन को अपने इतिहास को भूला देता है वह विकास की राह पर अग्रसर नहीं हो सकता।
प्रो0 धूमल ने कहा कि व्यक्ति कितना भी बड़ा हो लेकिन संगठन से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी 2 सांसदों से शुरू हुई पार्टी आज 303 सांसद तक पहुंच चुकी है। उन्होनें कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विकास को तीन चरणों में विभाजित किया जा सकता है। प्रथम चरण में जनसंघ के रूप में, दूसरे चरण में 1977 से 2014 तक तथा 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एकल बहुमत वाली पार्टी के रूप में। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रवादी राजनीतिक दल है जो भारत को एक सुदृढ़, समृद्ध एवं शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए कृत संकल्प है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि देश विभाजन के बाद की परिस्थितियों में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के तुष्टिकरण की नीति के कारण उपजे राजनैतिक माहौल में डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस्तीफा दिया था। तदोपरांत डा0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ के गठन की प्रक्रिया शुरू की। यह प्रक्रिया मई 1951 से शुरू होकर 21 अक्तूबर, 1951 को डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में भारतीय जनसंघ के गठन के साथ पूरी हुई। उन्होनें कहा कि प्रथम आम चुनाव में जनसंघ का वोट प्रतिशत 3 प्रतिशत रहा और 3 सांसद चुनकर आए। इसी संसद में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में नेशनल डैमोक्रेटिक फ्रंट का गठन हुआ।
प्रो0 धूमल ने आगे कहा कि समय के साथ और कार्यकर्ताओं के संघर्ष से हमारा संगठन भी दिन-रात आगे बढ़ता गया। उन्होनें कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि किस प्रकार जम्मू कश्मीर के एकीकरण के लिए सत्याग्रह शुरू किया गया था और 11 मई, 1953 को श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इस सत्याग्रह के तहत बिना परमिट जम्मू कश्मीर में प्रवेश किया और उन्हें वहां गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें श्रीनगर ले जाया गया जहां उन्होनें 23 जून 1953 को शहादत प्राप्त किया। प्रो0 धूमल ने कहा कि पांच प्रतिबद्धताओं के साथ भारत को एक समर्थ राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई।उन्होनें कहा कि पार्टी का शुरूआती दौर संघर्षपूर्ण रहा परन्तु हमारे नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होनें कहा कि वर्ष 1996, 1998 और 1999 में लोकसभा चुनाव हुए और भारतीय जनता पार्टी एकल पार्टी के रूप में उभरी। अटल बिहारी वाजपेयी जी 13 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे, फिर 13 महीने और उसके बाद साढ़े चार साल तक प्रधानमंत्री रहे। यह न केवल भाजपा बल्कि राजग का शासन था। भाजपानीत राजग सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में विकास के अनेक आयाम स्थापित किए। पोखरण परमाणु विस्फोट, मिसाइलों सफल प्रक्षेपण, कारगिल विजय जैसी सफलताओं से भारत का कद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा हुआ।
प्रो0 धूमल ने कहा कि आज भाजपा देश में एक प्रमुख राष्ट्रवादी शक्ति के रूप में उभर चुकी है एवं देश के सुशासन, विकास, एकता एवं अखण्डता के लिए कृत संकल्प है। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने कम समय में ही अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल है। उन्होनें विश्व में भारत की गरिमा को पुनः स्थापित किया, राजनीति पर लोगों के विश्वास को फिर से स्थापित किया। अनेक अभिनव योजनाओं से नए युग की शुरूआत की। अंत्योदय, सुशासन, विकास एवं समृद्धि के रास्ते पर देश बढ़ चला है। आर्थिक और सामाजिक सुधार, सुरक्षित जीवन जीने का मार्ग उपलब्ध करवा रहे हैं।
डलहौजी में मिला मादा भालू का शव
डलहौजी : नगर परिषद के वार्ड एक बकरोटा के समीप वन क्षेत्र में एक मादा भालू का शव मिला है। पशुपालन विभाग ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे जला दिया। जानकारी के मुताबिक देर शाम जब बकरोटा वार्ड की ओर नगर परिषद के वन रक्षकों की टीम गश्त पर थी तो उन्होंने बकरोटा व सुभाष बावड़ी के बीच स्थित वन क्षेत्र में एक मादा भालू का शव देखा। नगर परिषद के वनरक्षकों ने वन विभाग को इस संबंध में सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। मृत भालू की उम्र दो से तीन वर्ष के बीच आंकी गई।

बताया जा रहा है कि भालू का एक पैर भी नहीं था। शव से दुर्गध आने से आंका जा रहा है कि शव पांच से सात दिन पुराना था। प्रारंभिक जांच में यह भी पाया जा रहा है कि भालू ने कचरे में फेंके किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया होगा अथवा सड़ा हुआ खाना खा लिया होगा जिससे उसकी मौत हो गई। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। डलहौजी में कुछ माह से भालुओं व अन्य वन्य प्राणियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। कुछ दिन पहले भालू ने डलहौजी शहर के पोट्रियन रोड पर एक कुली पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
उधर वन मंडल अधिकारी डलहौजी कमल भारती, ने बताया कि डलहौजी शहर के आसपास काफी बड़ा वन क्षेत्र है। खाने की तलाश में भालू रिहायशी इलाकों की तरफ पहुंच जाते हैं। बकरोटा में भी जिस भालू का शव मिला है, वह खाने की तलाश में ही यहां पहुंचा होगा। उसने शायद किसी जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया होगा जिससे उसकी मौत हो गई। लोगों से अपील है कि वे शाम ढलने के बाद वन क्षेत्र व सुनसान इलाकों की ओर अकेले न जाएं।
BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने पूर्व CM शांता कुमार से की मुलाकात
शिमला : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार से हिमाचल भवन दिल्ली में भेंट कर उनकी पत्नी संतोष शैलजा के निधन पर दुःख व्यक्त किया और उन्हें सांत्वना दी । जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि संतोष शैलजा कुशल शिक्षिका , लेखिका के साथ – साथ मृदुभाषी एवं सरल व्यक्तित्व की स्वामिनी थी । उनके नाम की ही तरह उनके जीवन में भी संतोष था । उनके निधन से जहां उनके परिवारजनों को आघात लगा है वहीं साहित्य जगत को भी क्षति हुई है जिसकी निकट भविष्य में भरपाई करना कठिन होगा ।

उन्होंने कहा कि संतोष शैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के जीवन में कंधे से कंधा मिलाकर चली और उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही वह एक प्रसिद्ध कवित्री भी थी।जगत प्रकाश नड्डा ने शांता कुमार को ढांढस बंधाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें ।
सिरमौर के सभी धार्मिक स्थलों पर कोविड-19 के कारण लगे प्रतिबंध हटाए
नाहन : उपायुक्त सिरमौर डॉ0आर0के0परूथी ने कोविड-19 के कारण जिला सिरमौर के सभी धार्मिक स्थलों पर लगाए गए प्रतिबंधों में रियायत देने के आदेश जारी करते हुए बताया कि अब मन्दिरों में श्रद्वालुओं को मास्क व सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आरती, पूजा अनुष्ठान की अनुमति होगी।

आदेशानुसार सभी धार्मिक स्थलों के अंदर हवन, भजन, विवाह और मुन्डन संस्कार की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त, श्रद्वालुओं को गर्भगृह में जाकर दर्शन करने की भी अनुमति होगी। उन्हांेने बताया कि गर्भ गृह में एक बार में कितने श्रद्धालु जाएंगे यह मन्दिर ट्रस्ट तय करेगा। उन्हांेेने बताया कि मन्दिर परिसर में नारियल, चूनी, झंडा व थैली बंद सूखा प्रसाद कि अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त, मन्दिर परिसर में मास्क, सामाजिक दूरी के साथ लंगर, भण्डारे की अनुमति भी होगी।

