नाहन : दलित शोषण मुक्ति मंच ने प्रदेश सरकार पर अनदेखी के आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा है कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने जो वादे उनसे किए थे सत्ता में आने के बाद उन्हें कांग्रेस भूल गई है।
नाहन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दलित शोषण मुक्ति मंच जिला सिरमौर के संयोजक आशीष कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष का पद पिछले जो माह से खाली पड़ा हुआ है और सरकार इसे नहीं भर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की भाजपा सरकार के समय में विपक्ष में रहते हुए खुद मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर विधायक अनुसूचित जाति के लोगों की मांगों का समर्थन किया था। मगर आप सत्ता में आने के बाद इन मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है।
दलित शोषण मुक्ति मंच ने मांग की है कि हिमाचल प्रदेश में 85वे संविधान संशोधन को लागू किया जाए और निजी और सरकारी क्षेत्र में आरक्षण रोस्टर भी तुरंत प्रभाव से लागू चाहिए। दलित शोषण मुक्ति मंच ने यह भी आरोप लगाया है कि अनुसूचित जाति के लिए जो योजनाएं शुरू की गई है उसमें मिलने वाले बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग उठाई कि अनुसूचित जाति के लिए आवंटित धनराशि का इस्तेमाल सही तरीके से किया जाना चाहिए।


