संस्कृत महाविद्यालय में परिषद के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के खिलाफ फूंका सुक्खू  सरकार का पुतला 

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नाहन : विद्यार्थी परिषद की ओर से पिछले कल धर्मशाला विधानसभा घेराव के दौरान हुए घटनाक्रम पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। परिषद का कहना है कि उनके शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक प्रदर्शन पर सुक्खू सरकार तथा पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग करते हुए क्रूरता-पूर्ण लाठीचार्ज किया गया। परिषद ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल हैं। सभी घायल कार्यकर्ताओं को तत्काल धर्मशाला अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। परिषद कार्यकर्ताओं के अनुसार कई छात्राओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जो इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को दर्शाती है।

इकाई अध्यक्ष आदित्य ठाकुर ने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से अपने मांगों को रखने का अधिकार देता है। ऐसे में विद्यार्थियों द्वारा शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपना पक्ष रखते हुए किए गए कार्यक्रम पर हिंसक कार्रवाई किया जाना न केवल निंदनीय है बल्कि सरकार के असहिष्णु रवैये की ओर संकेत करता है। परिषद का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाने का प्रयास किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस को तितर-बितर करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा जिस प्रकार की शक्ति का प्रयोग किया गया, वह उनकी नजर में पूर्णतः अनुचित, अवैधानिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि लाठीचार्ज के दौरान पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की, अभद्र टिप्पणी और मारपीट जैसी असंवैधानिक हरकतें कीं। परिषद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा किसी भी प्रकार का शारीरिक बल प्रयोग कानून के विरुद्ध है। इस प्रकार का व्यवहार न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगाता है बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है। परिषद ने इसे अमानवीय, अपमानजनक तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के पूर्णतः विपरीत बताया है।

विद्यार्थी परिषद ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च-स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच करवाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल छात्र-छात्राओं को उचित चिकित्सा सुविधा और क्षतिपूर्ति उपलब्ध करवाने की भी मांग की गई है। परिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थी हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हेतु उनका शांतिपूर्ण संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

इकाई मंत्री रूद्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्र समुदाय की आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो यह संघर्ष व्यापक रूप ले सकता है। परिषद ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वह संवाद और संवेदनशीलता के साथ मुद्दों को हल करने की दिशा में कदम बढ़ाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद संस्कृत महाविद्यालय नाहन ईकाई ने रोष प्रकट करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू का पुतला फूंका तथा प्रदेश सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया । तथा कार्यकर्ताओं ने बताया कि अगर प्रदेश सरकार उन पुलिस कर्मियों पर उचित कार्यवाही नहीं की तो विद्यार्थी परिषद ओर उग्र और प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन करेगी ।

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