पिछले तीन वर्षों में एक भी जन कल्याणकारी योजना शुरू नहीं कर पाई सरकार- बिंदल

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नाहन :  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर आए दिन संस्थाओं को मर्ज करने और अपनी जिम्मेदारियों से दूर भागने के आरोप लगाए हैं। डॉ राजीव बिंदल नाहन में आज मीडिया से बात कर रहे थे।

मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू संस्थाओं को मर्ज करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के पास भवन और अध्यापकों की कमी है उन स्कूलों को दूसरे स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। जबकि जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है उनको पहले से ही मर्ज करने का काम पहले से ही चला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल अपनी जिम्मेवारियों से भागने का कोशिश सरकार द्वारा की जा रही है जिसका ठीकरा भारतीय जनता पार्टी पर फोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि सरकार ने  इन 3 वर्षों में कौन सी जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है।

मेडिकल कॉलेज को शिफ्ट करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार यदि किसी कार्य को नहीं करना चाहती है तो उसके लिए कमेटी का गठन किया जाता है जो अपनी रिपोर्ट सरकार के समक्ष रखती है और उस पर आगामी कार्य किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बीच जो जिला सिरमौर के हजारों लोगों को नुकसान हुआ है उसकी प्रतिपूर्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि यदि भवन को शिफ्ट करना ही था तो सरकार के बनते ही कमेटी का गठन किया जाना चाहिए था ताकि समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी हो पाती।

बिंदल ने कहा कि तीन वर्षों के कार्यकाल में प्रदेश की कांग्रेस सरकार एक भी जनकल्याणकारी योजना शुरू नहीं कर पाई है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूर्व की सरकार द्वारा शुरू की गई हिम केयर योजना को बंद कर दिया गया है साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत भी लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण मरीजों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। इसके अलावा 108 एंबुलेंस सेवा भी हांफती हुई नजर आ रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ना तो युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवा पाई ना ही महिलाओं के लिए कोई योजना शुरू कर पाई और ना ही किसानों के लिए कोई ठोस कार्य कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर केवल संस्थाओं को बंद कर रही है जो व्यवस्था परिवर्तन की बजाय व्यवस्था का पतन है।

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