नाहन 11 मार्च : आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला सिरमौर द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जिला सिरमौर के शिलाई में हुए 307 चीड़ के अवैध पेड़ कटान मामले की निंदा करते है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद ने इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन सौंपा है व इस मामले में उच्च स्तरीय जाँच की मांग भी की है।
मनीष बिरसान्टा ने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश के भीतर व्यवस्था परिवर्तन की सरकार आई है तबसे व्यवस्थाओं का पतन ही हो रहा है। हिमाचल प्रदेश में हम आये दिन देखते की टिम्बर माफिया,खनन माफिया,फिरौती माफिया, गोली कांड, चिट्टा माफिया बेलगाम होता जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व पक्का रोजगार देने में ये सरकार पूर्ण रूप से विफल रही है।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर के भीतर भाजपा व कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गज नेता है लेकिन शिलाई अवैध पेड़ कटान मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। ये यह दर्शाता है कि ये सब नेताओं व उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से ही हुआ है। खनन माफिया इतना ज्यादा सक्रिय हो चुका है कि पहाड़ के पहाड़ काटे जा रहे है। अभी हाल ही में हुई प्रदेश में इतनी बड़ी त्रासदी से बाहर नहीं निकला है कि इस तरह की घटनाएं फिर से शुरू हो चुकी है।
गौरतलब है कि भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी पहले हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय नुकसान के मामलों की सुनवाई के दौरान चेतावनी दी थी कि यदि इस तरह की लापरवाह कटाई और अव्यवस्थित गतिविधियां जारी रहीं, तो भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील इस राज्य को गंभीर खतरा हो सकता है। इसके बावजूद सरकारों ने कोई प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थी परिषद ऐसी घटनाओं की निंदा करती है। इस प्रकरण में बीते कल बीओ व फारेस्ट गार्ड को तो निलंबित कर दिया लेकिन विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि इस मामले की स्तरीय जाँच हो और इस प्रकरण में संलिप्त उच्च अधिकारियों पर भी कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए। विद्यार्थी परिषद आगामी समय में जागरूकता अभियान चलाएगी साथ ही पूरे प्रदेश के भीतर इस मामले में त्वरित व निष्पक्ष कार्यवाही की मांग को लेकर युवाओं व आम जनता को लामबन्द करते हुए आंदोलन करेगी।


