नाहन : सिरमौर की पारंपरिक सांचा विद्या के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तहसील शिलाई के खड़कहां गांव में तीन दिवसीय ज्योतिष एवं कर्मकांड प्रशिक्षण शिविर आरंभ किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्कृत अकादमी, हिमाचल प्रदेश के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य सांचा विद्या सहित विभिन्न धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
आयोजकों के अनुसार सांचा विद्या सिरमौर जिले की एक प्राचीन और विशिष्ट लोक परंपरा है, जिसकी जानकारी समय के साथ कम होती जा रही है। खड़कहां गांव को इस विद्या का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां सांचा पद्धति के माध्यम से प्रश्न समाधान, दोष परीक्षण तथा पारंपरिक अनुष्ठानों की विधियां प्रचलित हैं।
प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को खुजतरी, कल्याणी, लग्न होर, नक्षत्र होर, अवजादी, पितृ शोधा तथा सिरमौरी पारंपरिक पूजा और सिंज होम विधि का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। विद्वान आचार्यों द्वारा इन विधाओं का विस्तार से मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महेंद्र शर्मा ने की। शिविर में पंडित बद्री प्रसाद शर्मा, पंडित देवी राम शर्मा, भवानी दत्त शर्मा, अनंत राम शास्त्री, हरिश्चंद्र शर्मा, लायक राम भारद्वाज शास्त्री सहित अन्य विद्वान प्रशिक्षण दे रहे हैं। भारत विकास परिषद नाहन शाखा से जुड़े विशेषज्ञ भी कर्मकांड और ज्योतिष विज्ञान पर व्याख्यान प्रस्तुत कर रहे हैं। लगभग 50 प्रशिक्षु इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन बलबीर शर्मा द्वारा किया जा रहा है।


