नाहन : प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के संभावित निजीकरण के विरोध में नाहन में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर आयोजित गेट मीटिंग में कर्मचारियों ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि नई नीति में संशोधन नहीं किया गया तथा कर्मचारियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
मीडिया से बातचीत करते हुए बिजली बोर्ड पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव कमलेश पुंडीर ने कहा कि सरकार बिजली बोर्ड को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना था कि सरकार लगातार घाटे का हवाला दे रही है, जबकि इस स्थिति के लिए बोर्ड प्रबंधन जिम्मेदार है।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि निजीकरण होने की स्थिति में इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। निजी कंपनियों के हाथ में प्रबंधन जाने से बिजली दरों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
कमलेश पुंडीर ने स्पष्ट किया कि निजीकरण का किसी भी स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग 30 हजार सेवानिवृत्त कर्मचारी और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारी एकजुट होकर इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाएंगे।


