नाहन : भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की नाहन शाखा के बाहर कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया इंश्योरेंस संगठन के आह्वान पर आयोजित एक दिवसीय पेन-डाउन हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
एलआईसी कर्मचारी यूनियन, जिला सिरमौर के महासचिव सतनाम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बीमा क्षेत्र में प्रस्तावित कुछ बदलावों का यूनियन विरोध कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से बीमा उद्योग में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे बीमा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख संस्था एलआईसी की भूमिका कमजोर हो सकती है।
कर्मचारियों ने एलआईसी के संभावित निजीकरण के प्रयासों को कर्मचारियों और पॉलिसीधारकों के हितों के विरुद्ध बताया। प्रदर्शन के दौरान क्लास-3 और क्लास-4 कर्मचारियों की शीघ्र भर्ती की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग को लेकर भी कर्मचारियों ने आवाज बुलंद की।
यूनियन के प्रधान लतीफ मोहम्मद ने कहा कि बीमा क्षेत्र में लंबे समय से नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं, जिसके कारण स्टाफ की कमी से कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कई काम लंबित पड़े हैं। उन्होंने सरकार से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने बताया कि 1995 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। यूनियन ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की भी मांग की, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी व्यापक आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।


