नाहन 11 फरवरी : हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ (HPSEBTEU) ने एक बार फिर विभागीय उदासीनता पर गहरी नाराज़गी जताई है। संघ का आरोप है कि लंबी कागजी कार्यवाही के बाद HRTC ने कच्चा टैंक बस स्टैंड स्थित अपनी बिल्डिंग में बिजली बोर्ड के सहायता कक्ष के लिए दो कमरे उपलब्ध करवा दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस संबंध में आज संघ की इकाई नाहन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला अध्यक्ष ईरशाद रहमान की अध्यक्षता में अधीक्षण अभियंता, ऑपरेशन वृत्त नाहन से मिला। हालांकि बैठक के दौरान अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट या निर्णायक जवाब नहीं दिया गया। संघ का कहना है कि पिछले दो वर्षों से इस मुद्दे पर केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं और हर बार नई बात कहकर मामले को टाल दिया जाता है।
संघ ने बताया कि फील्ड में पहले से ही तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने यह दुविधा बनी रहती है कि वे बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने पर ध्यान दें या फिर कार्यालयों के चक्कर लगाते रहें। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला केवल सहायता कक्ष तक सीमित नहीं है। गुन्नू घाट स्थित विद्युत अनुभाग कार्यालय की स्थिति भी बेहद दयनीय है। वहां कर्मचारियों के बैठने के लिए उचित फर्नीचर तक उपलब्ध नहीं है और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं है। संघ का दावा है कि पूरे विद्युत मंडल नाहन के अंतर्गत अधिकांश अनुभाग कार्यालयों की हालत ऐसी ही बनी हुई है।
संघ ने आरोप लगाया कि जिन तकनीकी कर्मचारियों को बिजली बोर्ड की “रीढ़ की हड्डी” कहा जाता है, उन्हीं का सबसे अधिक शोषण हो रहा है, जबकि उपमंडल, मंडल और सर्कल स्तर के कार्यालयों में अधिकारियों एवं कार्यालय स्टाफ के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए संगठन ने विभाग को 15 दिन का लिखित नोटिस देने का निर्णय लिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कच्चा टैंक सहायता कक्ष को HRTC द्वारा उपलब्ध कराए गए भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो 15 दिन बाद कच्चा टैंक अनुभाग के सभी कर्मचारी रानीताल स्थित उपमंडल नाहन नंबर-1 कार्यालय से ही अपनी ड्यूटी देने के लिए बाध्य होंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की बुनियादी कार्य परिस्थितियों में शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में और भी कड़े संगठनात्मक निर्णय लिए जा सकते हैं। इस संबंध में इकाई नाहन के अध्यक्ष समीर बख्श और सचिव श्याम कुमार ने संयुक्त रूप से विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।


