बस किराया बढ़ने से छात्र समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित : मनीष बिरसान्टा

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    हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में बस किराए में की गई वृद्धि के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। प्रदेश सह मंत्री मनीष बिरसांटा ने एक प्रेस बयान में कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम पूरी तरह से छात्र विरोधी है और इससे सबसे अधिक प्रभावित छात्र समुदाय हो रहा है।

    हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में छात्र-छात्राएं रोजाना स्कूली, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर रहते हैं। अधिकांश छात्र आर्थिक रूप से मध्यम या निम्न वर्ग से आते हैं, जिनके लिए पहले से ही शिक्षा की लागत वहन करना कठिन है। ऐसे में बस किराए में की गई यह वृद्धि उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।

    ABVP का कहना है कि जब सरकार एक ओर ‘सर्व शिक्षा अभियान’ और ‘शिक्षा सबके लिए’ जैसी नीतियों की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के फैसलों से छात्रों को शिक्षा से दूर धकेलने का काम कर रही है। मनीष बिरसांटा ने कहा कि सरकार को इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि एक छात्र को महीने में कितनी बार बस यात्रा करनी पड़ती है – स्कूल-कॉलेज के अलावा कोचिंग, लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आदि के लिए भी। ऐसे में हर दिन की बढ़ी हुई लागत लंबे समय में शिक्षा को और महंगा बना देती है।

    ABVP ने मांग की है कि राज्य सरकार तुरंत बस किराया वृद्धि को वापस ले और छात्रों के लिए विशेष रियायत या पास व्यवस्था को और सुलभ तथा प्रभावी बनाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस छात्र विरोधी निर्णय को वापस नहीं लेती, तो ABVP पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।

    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत रही है और आगे भी रहेगा। परिषद का स्पष्ट मत है कि शिक्षा मूलभूत अधिकार है, और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इसे सुलभ और किफायती बनाए, न कि और कठिन।

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