तो गुम जाएगा सिरमौर का खतवाड़ गाँव, पिछले कुछ सालों से लगातार धँस रहा गाँव

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    पांवटा साहिब : सिरमौर जिला के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र की दूरदराज पंचायत बनौर पँचायत का खतवाड़ गाँव खतरे में आ गया है। गांव लगाता धँस रहा है  और लोग लोग डर के साए में जीने को मजबूर है। जिला मुख्यालय नाहन से करीब 105 किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ इस गाँव मे मीडिया की टीम हालात जानने पहुँची।

    सिरमौर जिला की बनौर पँचायत के खतवाड़ गांव पिछले कुछ सालों से लगातार धँस रहा है । इस बार हुई भारी बारिश के चलते गांव में चारों तरफ तबाही देखने को मिल रही है जो गाँव के लिए डरवाने संकेत दे रही है। इस गांव में करीब 20 से 25 परिवार रहते हैं जो हर समय डर के साए में जीने को मजबूर है। गांव के हर घर में दरारें आ गई है और करीब आधा दर्जन मकान पूरी तरह से यह चुके है। गांव के खिसकने की वजह है गाँव के साथ लगती माईंनो से मलबा गिराया जाना माना जा रहा है । माइनिंग से सरकार को जरुर कुछ राजस्व मिल रहा होंगा और माइनिंग के लोग भी खूब चांदी कूट रहे है मगर लोगो की जान दिन व दिन खतरे में पड़ रही है ।  

    गांव के लोगो ने बताया कि हर समय उन्हें मकान ढहने का खतरा बना रहता है रात को सो नहीं पाते हैं क्योंकि भारी बारिश के बीच कभी भी मकान ढह सकता है। लोगो ने बताया कि इस गांव में रहना अब उनकी मजबूरी बन चुका है क्योंकि उनके पास किसी दूसरे स्थान पर रहने के लिए कोई जगह नहीं है खतरे के बावजूद यहां रहना पड़ रहा है।

    लोगो ने बताया कि मक्की ,अदरक ,हल्दी जो भी फसलें यहां पर गांव के लोगों ने लगाई थी इस बार वह सभी भूस्खलन की भेंट चढ़ गए और अभी से अब खाने की चिंता सताने लगी है । उन्होंने बताया कि गांव के कुछ परिवार ऐसे हैं जिनकी पूरी जमीन ही भूस्खलन की भेंट चढ़ गई है। महिलाओं ने बताया कि बरसात के दौरान गाँव सड़कें बंद हो जाती है और बिजली पानी की सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रहना पड़ता है। इस गांव के नीचे पूरा पहाड़ लगातार धँस रहा है जिससे गांव पर खतरा मंडराया हुआ है। पहाड़ का करीब 500 मीटर टोंस नदी में समा चुका है और अब पूरे गांव पर खतरा लगातार बढ़ रहा है।

    गांव के लोगों ने बताया कि भूस्खलन के कारण यहां खेत, खलियान, पाइप लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है । वही लोगों ने यह भी बताया कि उन्हें इस बात का डर लगा रहता है कि ना जाने वह अगली सुबह देख पाए की नही। जिला के शिलाई विधानसभा से आमआदमी पार्टी का चुनाव लड़ चुके समाजसेवी नाथुराम चौहान भी इस दुर्गम गाँव मे पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन माँग को लेकर गंभीर नही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां माइनिंग माफिया के कारण यह हालात पैदा हुए है उन्होंने  आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के जनप्रतिनिधि यहां की समस्या जानकर भी अनजान नजर आ रहे है। लोग कई बार अपनी समस्याओं को शासन प्रशासन के सामने उठा चुके हैं मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा गांव के लोगों की एकमात्र मांग है कि उन्हें यहां से किसी दूसरे स्थान पर जल्द शिफ्ट किया जाए इससे पहले कि यहां कोई बड़ा हादसा पेश आ जाए।

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